विश्व युद्ध से भी ज्यादा खतरनाक हे “व्यापर युद्ध” पढ़े पूरा विश्लेषण | U.S China Trade War


विश्व युद्ध से भी ज्यादा खतरनाक हे “व्यापर युद्ध” पढ़े पूरा विश्लेषण | U.S China Trade War

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विश्व युद्ध की बातें अब पुरानी हो चुकी है। यह वो समय है, जब देश एक दूसरे को “युद्ध” की धमकी नहीं  “टैक्स”की धमकी देते है।जी हाँ ,बिलकुल सही पढ़ा आपने आज हर देश के लिए व्यापारिक रिश्ते भी उतने ही एहमियत रखते है जितने की राजनितिक। हम यहाँ बात कर रहे है अमरीका के उस फैसले का जिसका सीधा असर पुरे व्यापर जगत पर पड़ने वाला है । हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यह फैसल किया किया की अमेरिका में आने वाले कच्चे स्टील पर २५ % और कच्चे एल्युमीनियम पर १०% कर लगेगा । जिस से अमेरिका में बहार से आया हुआ यह सम्मान महंगा हो जायेगा। अब ऐसा करने के पीछे तरुम साहब यह दलील देते है की बहार से आया हुआ सस्ता स्टील और एल्युमीनियम उनकी अपनी घरेलु इंडस्ट्री के लिए ज़हर साबित हो रहा है। प्रति वर्ष अमेरिका के घरेलु स्टील और अलुमिनिउम बनाने वाली कम्पनिया घाटे में जा रही है जिसका सीधा असर अमेरिका की इकॉनमी को पड़ रहा हे। अमरीका की स्टील बनाने वाली कंपनियों को इसकी वजह से अपना काम बंद करना पड़ रहा है। जिस के कारण इस इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की रोजी रोटी पर भी मुसीबत आ रही है।अपनी घरेलु कमापनियों को बचाने के लिए ही अमरीका इस तरह के नए कर का प्राविधान ला रहा हे । हलाकि इसे पूरी तरह से लागू करने के लिया अमरीका को WTO और उनकी अपनी संसद से मंजूरी लेनी पड़ेगी पर जिस तरह से अमरीकी राष्ट्रपति का दबदबा है लगता नहीं इस काम में उन्हें किसी मुश्किल का सामना करना पड़ेगा ।अब ये तो बात हो गयी अमेरिका की चलिए अब बात करते हे इस फैसले से बाकी के देशो पर क्या असर पड़ेगा और ख़ास करके चीन को इस से क्या दिकत है।

अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा हथिया निर्माता है। इस वजह से यहाँ पर स्टील और एल्युमीनियम कीडिमांड हमेशा बानी रहती है । इसी वजह से दुनिया का हर छोटा बड़ा देश अमेरिका की इस मांग की पूर्ति में लगा रहता है। अब जब की बाहर से आया हुआ एल्युमीनियम और स्टील अमेरिकी कंपनियों को सस्ता पड़ता हे इसलिए वो घरेलु कंपनियों को आर्डर नहीं देती हे। अमेरिका को सब से ज्यादा स्टील और एल्युमीनियम चीन निर्यात करता हे। इस तरह चीन अमेरिका का सब से बड़ा व्यापारिक बंधू है पर अब जब अमेरिका ने चीन से भी आने वाले स्टील और एल्युमीनियम पर 25 % कर लगा दिया हे ।इस से इन दोनों के व्यापारिक रिश्तो पर बहुत असर पड़ेगा। जिसका नतीजा यह हुआ की अब बदला लेने की भावना से चीन ने भी अमेरिका से आने वाली 128 चीज़ो पर २५% कर लगा दिया है और साथ में यह भी कहा है के जब अमेरिका हमारे सामान पर कर का पैसा लेना शुरू करेगा हम भी तब ही उनसे पैसा लेना शुरू करेंगे

यह सीधे सीधे चीन की अमरीका को चुनौती हे ।यह एक चुनौती की तरह भी है की अब अमेरिका को समझ जाना चाहिए की उसकी दादागिरी चीन से नहीं चलने वाली।अगर ये सब ऐसे ही चलता रहा तो ये दुनिया के बाकी देशो के लिए भी ये अच्छे संकेत नहीं है।हालाँकि दुनिया के लगभग सभी देश वटो(वर्ल्ड ट्रेड ORGANISATION के नियमो के अनुसार ही चलते हे पर यहाँ गौर करने वाली बात यह की अमेरिका ने यह कर सिर्फ चीन पर ही नहीं दुनिया के लगभग सभी देशो पर लगाया था । पर साथ में में ही हर देश को बातचीत करने का न्योता भी दिया था। जिसे सभी देशो ने माना और इस वक़्त येह बहस WTO में चल रही है । जबकि चीन ने सीधा हमला करते हुए अमरीका पर भी कर लगाने की घोषणा कर दी।

व्यापर युद्ध के डर से दुनिया भर के शेयर मार्किट में भी एक अजीब सा डर बैठने लगा है।लोगो ने शेयर मार्किट से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया है। अमेरिका की शेयर मार्किट DOW JONES रोज घाटे के साथ बंद हो रही है । इसका असर भारत के शेयर मार्किट पर भी अब पड़ना शुरू हो गया है।
आज NIFTY 50 लगातर 8 हफ्ते से गिरते हुए 10 ,128 पर बंद हुआ । तो वही BSE SENSEX भी लगातार 8 हफ्ते से गिरते हुए 33 ,000 पर बंद हुआ ।बेशक भारतीय बाजार को इस से डरने की जरुरत नहीं है पर हमें ये नहीं भूलना चाहिए की अमेरिका और चीन दुनिया की सबसे बड़ीे economies हे ।उनके हर कदम का असर दुनिया के बाकी देशो में जरूर पड़ता है

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